He..

He didn’t look that good,

But his habits made him great looked!!

He wasn’t so cool,

But so were actually his caring ‘Rules’..

His habits were just like small kid,

Checking his hairs and crack lame jokes.,

Creating bad humour and had voice that provokes!!

Looked like prefect, but not this was his Actuality..

He kept much Attitude, but also some Humanity!

Loved his characteristics..

Fan of his personality!!

Great man with lovely soul,

Respect is to be provided Though..

Made faces quite Laughable,

Also personality not that Affordable…

Not at all shy, said whatever comes in his Mind..,

He wasn’t the Best, but, one of a Kind!!

…************

Written on a special request by people , after they read “she , so this can be called the continuance of it!!:)  not written for any particular person, this is written just by observing the behaviour of people around me;)😇 Hope I did the task with flying colours😄

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She..

She wanna see everyone happy..

She was the one most betrayed!!

Wanna link everyone by a love cart,

Roam with broken pieces of her own big heart!!

She wanna see, everyone smile..

The most cried loud inside!!

She couldn’t tell it to the world..,

What always got her inside murdered!!

Self confidence was nill,

But not was her love or will..

Yeah, she was a girl with pure heart and soul,

Got attached to those, who cared even a little bit!!

Cheered with fun, filled with love..,

Cry for senseless, dared to be Rough??(no)

‘Real’ was she, unlike the world..,

Some called Different, some did Mad!!

Whatever she felt, was nothing but just a Prank!!!!

…………….*……………*………………*

‘Here the fear refers to the rejection and the fear to be rejected .., she either didn’t knew or wasn’t ready to accept it as a Part of Life!!!’

Image credit- Me😇

वो जिंदा है

कौन कहता है इंसानियत मर चुकी है?

वो अभी भी जिंदा है।।।

उनमें, जो खुद से पहले दूसरों के बारे में सोचते हैं।।

उनमें, जो इस शैतानी जहां में भी मासूम होते हैं।।

उनमें, जिनकी ,दूसरों को रोते है, खुद की आँखें पसीज जाती हैं….
सभी को एक समान.. अपने को भुला आसमां..।।

हाँ, थोड़ी सहम गयी है, थोड़ी ठहर गयी है…,पर इंसानियत, जिंदा है..।।

गुस्सा आता है देख, उन लोगों को, जो बाकियों की आड़ में रोना करते है..

दूसरी तरफ वो, जो बुराई देख भी आवाज़ नहीं उठाते है।।

अपने लोगों के लिए कुछ करना तो चाहते है.., पर संसार की बुराई का स्तर देख., थोड़ा रुक जातें है।।

याद रखना, इंसानियत मरी नही, अभी भी जिंदा है, 

लोगों के दिल में बुराई ही सही, कहीं ना कहीं अच्छाई का एक टुकड़ा , जिंदा है।।

और एक दिन कुछ तो बदलेगा…

कुछ तो आगे बढेगा।।

और, रावण फिर से हारेगा।।

सीता को हरने वाला नही, हमारे अन्दर छिपा, बसा रावण।।

इंसान को जानवर बनाने वाला, दुनिया को बुराई की ओर धकेलने वाला रावण।

जिंदा इंसान को लाश बनाने वाला रावण..हारेगा।।

हारेगा, एक दिन ज़रूर, और तब….

छोटी सी रोशनी दिखेगी.., तब बाहर ख़ुशी से नाचती, एक चमक के साथ सर उठाती, प्यारी सी आवाज़ आएगी….

मैं जिंदा हूँ, हाँ मैं जिंदा हूँ.., मरी नहीं, मैं जिंदा हूँ..।।

इंसानियत जिंदा है..।।

Best Friend

I made a new Friend,

Just like all others…

I talked to her,

Same way I behaved with everyone there!!

But, then I started becoming Protective, getting jealous..

Every time she’s with someone else,

b’cuz I don’t wanna share her with anyone there!!

 

Soon, I started feeling,

Do I overreact when with her?!!

Might she be thinking I’m too weird !!

Started maintaining a distance,

Talked to her, only when required!!

 

She said Sorry, again and again and again…

Not knowing what the circumstances were and that I was Vain!!

I wanted to tell her that I do care..

Maybe, my mind underestimated and I couldn’t dare!!

 

Words became Shorter, Hugs were none……

I started feeling lonely,

 

With the company of many..

because she was quite busy!!

Cannot find words to explain her..

Why I did that to her….

But she might had perceived, that I wasn’t indulged in any Manoeuvre !!

At first, I just thought ,she’d be my Good Friend..,

But afterwards, I came to know, that she came in my life to be my Best Friend!!

 

बेटी

कोख से संसार तक बचे बेटी, ससम्मान जियें बेटी,

दुनिया में अहम भूमिका निभाने आई,

सभी को एक जुट कर, प्यार की परिभाषा बन कर आई!!

कोई कहे दुर्भाग्य , तो कोई कहे सौभाग्य..,

सोचने समझने का नज़रिया है, पता नहीं कौन सही और कौन अटखेड़ा है!!

फ़क्र होता है मुझे कि मैं एक बेटी हूँ ….,

दुनियादारी की समझ भले ही कम रखती हूँ पर माँ पापा को भाई से ज्यादा समझती हूँ!!

जीवन खुल के जीने की कला सभी में नहीं होती,

कुछ लोग तो सिर्फ अपना अस्तित्व जताने और दुसरों की कोख उजाड़ने के लिए होते है!!

माँ दुर्गा को पूजते हो, तो माँ लक्ष्मी को भी..

माँ सरस्वतीं को पूजते हो, फिर अपनी बेटी क्यों नही?!!

कम से कम खर्च उस पर, यह सोच कि दुसरे घर जाएगी..,

याद रखना, आखिर में वही तुम्हारें काम आएगी!!

सोचते हो हर बार तुम ही सही?!

दकियानूसी सोच के चलते, दुनिया में तुमसे मूर्ख और कोई नहीं!!

सामने वाले पर ऊँगली उठाने से पहले,

ज़रा अपने गिरेवान मे झाँककर देखो..,

जिस बेटी ने पापा बुलाया, उसे ही बीच सड़क अकेला छोड़ आया?!!

जब भी सोचो, अभिशाप है बेटी,

ज़रा एक बार अपनी माँ को देख लेना!!

नीरजा भी एक बेटी थी,कल्पना भी एक बेटी थी..

इंदिरा भी किसी की बेटी थी, मदर टेरेसा भी उनमें से एक ही थीं..

कोख से संसार तक बचें बेटी, ससम्मान जियें बेटी!!

#picture credit- my friend tanya..!!

बचपन….

मैं जीवन जीने के काबिल हूँ  या नहीं,

बस मुझे जीना सिखा दो!!

अगर लौट के आ सकता है मेरा बचपन,

तो लौटा दो उसे मुझे,बिना किसी अनबन!!

वरना इस दुनिया में ……….

न तो ज़मीर रहेगा जिंदा,

और,न ही कबीर करेगा बुराई की निंदा,

चाहे बन जाये कितना भी बड़ा गरीब(अमीर),

कभी दिल में फ़क़ीर न होगा जिंदा!!!!

जब लौट आएगा वापस हमारा बचपन…..

तो और भी खुबसूरत,

और      भी       ऊचाँ,

मेरे देश का नाम हो जायेगा ,

हिन्दू-मुसलमान नही,सिर्फ इंसान ही इंसान पुकारा जायेगा!!

चाहे कितनी बार ही क्यों न गिरो,हर बार एक नया मौका मिलता जायेगा,

ऐसा नही की गलती करने की आदत पड़ जाएगी,

पर गलती करके सही रास्तें की पहचान हो जाएगी!!!

रिश्ते भूल सिर्फ निंदा और लालच जानते है अभी सब,

जब लौट आएगा वापस हमारा बचपन,

तो मासूमियत के अलावा कुछ न रह जाएगा तब!!!

जिंदगी शतरंज के जैसी हो गयी है,इसे सूडोकु के समान बनाना चाहिए,

हर मौके पर फतह नहीं,सिर्फ सही रहना आना चाहिये!!

 

 

I Wanted To Be A Leader

Once I decided to be a leader.,

Not for any kinda fun nor was I a Traitor!!

I just wanna do something for my Family, much for my country!!

Once I decided to be a  leader..

Not for fun, but I wanted my turn,

Where I can safeguard people, do something for them, protect lil’ saples!!

But then I remembered..,

I’ve to cross elections too..

Will anyone be there to press the key for me?

Do I have anything to say in my achievement speech?

Have I been a player or won medals to show & admire?

May be Yes,May be No…..

But I can tell that I’m a good person,

Maybe, others have much more qualifications,

But am proud of my Inner versions…!!

Once I decided to be a leader,

Not for fun, but just to make all one..,

Just wanna be a leader,

Cuz I want my ideas to Feasible!!!

I was younger..

 When I was younger.., I wanted to a cinestar;

    walk on ramp , and, roam in luxurious cars!!

some years later..,I aimed to be a doctor,

treat the patients and fly over a copter!!

Then I thought to be an air-hostess;

wear mini-skirts and travel all around the whole world….

Started loving social;

Being true patriot,wanna serve my country,

stop the corruption,& punish the traitors!!

I know it isn’t innate..,and not a bed of roses too!!

 But if your motives are true..,there’s nothing to stop you!!

हे चिरैया , है आशा की किरण

चिरैया , गौरैया , ना जाने तुम्हारे कितने नाम..

फिर क्यों हैं लोग तुमसे और तुम्हारे घटते क्रम से अंजान!!

क्या हो गयी तुम इतनी बेसुध और अंजान,की कोई न जाने तुम्हे,पशु और इंसान??

क्या इंसानों में  इतनी आत्मीयता भी नही बची,की एक नज़र देख ले प्रकृति की ओर,बची है भी या नहीं!

पर आज की ‘हाईटेक’ दुनिया में,जहाँ लोग है एक दुसरे से ही अंजान,

क्या समय होगा इतना,की देख ले प्रकृति को एक नज़र,अपने को सुधार!!

मत जाओ गौरैया,होकर इतनी दुखी और उदास,निकलेगा कोई तो हल,जिससे आएगी तुम्हारी आखों में चमक और स्थिति  में सुधार!!

थोडा सा और कर लो तुम इंतज़ार,थोडा सा और कर लो तुम इंतज़ार!

ज़रूर मिलेगी कोई तो आशा की किरण या दरवाज़े की चाबी,जिससे खुल जायेगा इंसानों की आख़ों का ताला ;

जानती हूँ की समय लगेगा थोडा,पर समय के साथ ही तो बदलती है ये दुनिया!!

शायद,

नही जानते ये लोग,की जिस छोटी सी गौरैया को हर दिन अपने आंगन में चहचहाता देखा ,उसके साथ खेला ;आज वही बेचारी जा रही है छोड़ के अपना बसेरा!!!

दिल है की पत्थर ,थोडा ख्याल तुम भी कर लो,आँगन में पानी भर एक सकोरा ही रख दो,

बस,आँगन में पानी भर एक सकोरा ही रख दो!!!!!

 

सन्नाटा..

रात के उस समय ,

जब पूरी दुनिया सोयी थी..,

अकेली एक चीज़ साथ थी ..,हाँ , वो वही थी!!

घडी की टिक-टिक के साथ ..,

जानवरों का शोर!!

उस रात वो कुछ तो मशगुल थी ;

कुछ ढूंडती उस सन्नाटे में., यादों का पिटारा खोली थी!!

ये सोचती की इस दुनिया में कौन अपना,कौन पराया ,

बस अपनी परछाई पहचानी थी!!

सोचती की ओहदा बड़ा कि इंसानियत..,

दुनियादारी अभी समझी थी!!!

लोगो को अभी जाना था ;

फिर से  वो वही अटकी थी!!

यादों की मीठी चाशनी में करेले की कर्वाहट घोली थी..,

लोगो को बिना जांचे ,अपना बनाने की जो ठानी थी ;

हँसते ,हँसते रोने की आदत जो उसने पाली थी..,

हँसते, हँसते रोने की आदत जो उसने पाली थी!!